प्रेम एक बहुत ही गहरा शब्द हैं। यूं तो ये ढाई अक्षर का शब्द हैं, पर इसे समझ पाना उतना ही मुश्किल। जो इसे समझ गया फिर उसे कुछ और समझने की जरुरत नही होती। वह प्रेम से ही सबकुछ पा जाता हैं। कहते हैं ना "पोथी पड़ी पड़ी जग मुआ, पण्डित भया ना कोये। ढाई आखर प्रेम का पड़े सो पण्डित होए।"
©ayushpancholi
Thursday, 18 October 2018
कुछ ऐसे ही
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सच्चे लोग
जरा जरा सी बात पर जिनकी आँखे भीग जाती हैं, वो लोग जीवन मे कभी किसी का बुरा चाह नही सकते। पर एक सच यह भी हैं, वो जीवन मे कभी किसी को अपना बना...
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आज से कुछ और शायर नये फिर आयेंगे, कुछ के दिल टूट जायेंगे अपनी मोहब्बत को किसी और का होते देख, किसी के हौंसले उसे उसके जीवन का नया आयाम दिल...
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"हैरान क्युं होते हो मेरी उदासियों पर यू, किसी शक्स ने बहुत मेहनत करी हैं, मेरी मुस्कुराहट को मुझसे दूर करने मे।" ©ayush_tanhara...
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