कभी कभी लगता हैं , क्या हम सच मैं वही ज़िन्दगी जी रहे हैं जो हम हैं या हम जीना चाहते हैं। फिर धीरे से आवाज आती हैं नही। सही हैं ना हम क्या हैं ,ओर हम क्या नही ये सिर्फ हम जानते हैं। हम सब जो हैं , जो जीना चाहते हैं , वो नही जी रहे । हमे पता हैं यह सत्य हैं, फिर भी हम सबको सिर्फ यह विश्वास दिलाने मे लगे रह्ते हैं की हम जो चाहते हैं, हम वही कर रहे हैं। क्या करें यार ....
"झूठी दुनिया , झूठे लोग ।
झूठे सपने , झूठी खोज।
झूठ आज मे, कल मे झूठ।
हर पल ,हर एक क्षण मे झूठ।
जो देखा वो झुठा देखा।
जो पाया वो झुठा पाया।
ज्ञान मिला टूटा फुटा सा।
सबके द्वारा छला हुआ सा।
फिर मान, सम्मान झूठ हैं।
मिले मुझे जो , इनसान झूठ हैं।
झुठा हुँ मैं, झूठे हो तुम।
झूठे सब रिश्ते नाते हैं। "
©ayushpancholi
Thursday, 18 October 2018
कुछ ऐसे ही
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सच्चे लोग
जरा जरा सी बात पर जिनकी आँखे भीग जाती हैं, वो लोग जीवन मे कभी किसी का बुरा चाह नही सकते। पर एक सच यह भी हैं, वो जीवन मे कभी किसी को अपना बना...
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आज से कुछ और शायर नये फिर आयेंगे, कुछ के दिल टूट जायेंगे अपनी मोहब्बत को किसी और का होते देख, किसी के हौंसले उसे उसके जीवन का नया आयाम दिल...
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"हैरान क्युं होते हो मेरी उदासियों पर यू, किसी शक्स ने बहुत मेहनत करी हैं, मेरी मुस्कुराहट को मुझसे दूर करने मे।" ©ayush_tanhara...
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