"प्यार" और "नफरत" दोनो अलग अलग एहसास हैं । पर जब एक से होकर दुसरे तक कोई पहुँचता हैं , तो सोचो वो उसे कितनी शिद्दत से निभायेगा। जो इन्सान प्यार मे धोखा खाता हैं ना उसके अन्दर नफरत स्वतः ही आ जाती हैं, ओर जो हर जगह नफरत भरी निगाहो से देखा जाता रहा हैं ना वो सिर्फ सच्चे प्यार की तलाश करता हैं। जब किसी का प्यार नफरत मे बदलता हैं ना तो यकिन मानिये वो उसी शिद्दत से आपसे नफरत करेगा जिस शिद्दत से उसने प्यार किया था। क्युकी जब प्यार नफरत का रूप लेता हैं ना तो कारण कुछ बडा ही होता हैं। लोग समझना चाहते नही ओर कुछ समझकर भी ना समझ बने रह्ते हैं।
©ayushpancholi
Thursday, 18 October 2018
कुछ ऐसे ही
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सच्चे लोग
जरा जरा सी बात पर जिनकी आँखे भीग जाती हैं, वो लोग जीवन मे कभी किसी का बुरा चाह नही सकते। पर एक सच यह भी हैं, वो जीवन मे कभी किसी को अपना बना...
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आज से कुछ और शायर नये फिर आयेंगे, कुछ के दिल टूट जायेंगे अपनी मोहब्बत को किसी और का होते देख, किसी के हौंसले उसे उसके जीवन का नया आयाम दिल...
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"हैरान क्युं होते हो मेरी उदासियों पर यू, किसी शक्स ने बहुत मेहनत करी हैं, मेरी मुस्कुराहट को मुझसे दूर करने मे।" ©ayush_tanhara...
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